कोरोन द्वितीय विश्व युद्ध जापानी जहाज़ के मलबे
कोरोन जहाज़ मलबा डाइविंग: समुद्र में डूबे इतिहास की खोज
24 सितंबर 1944 - अमेरिकी नौसेना के विमानों ने कोरोन खाड़ी पर हमला किया और वहां खड़े जापानी जहाज़ों को डुबो दिया। 80 से अधिक वर्ष बीत गए, आज ये डूबे जहाज़ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रेक डाइविंग स्थलों में गिने जाते हैं। इतिहास के गवाह बने समुद्र में, अतीत से साक्षात्कार का अनोखा अनुभव।
कोरोन जहाज़ों का इतिहास
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कोरोन खाड़ी जापानी सेना का महत्वपूर्ण पुनः आपूर्ति केंद्र था। फिलीपींस अभियान के लिए कई जहाज़ यहां लंगर डाले रहते थे। 24 सितंबर 1944 को अमेरिकी नौसेना के टास्क फोर्स 38 ने 'कोरोन खाड़ी छापा' चलाया और खड़े जापानी जहाज़ एक के बाद एक डूब गए।
डूबे जहाज़ों में तेल वाहक, माल वाहक जहाज़, सी-प्लेन टेंडर आदि शामिल थे। युद्ध के बाद ये जहाज़ समुद्र तल पर ही रहे और आज कोरल और समुद्री जीवों का घर बन गए हैं।
युद्ध की त्रासदी का साक्षी होने के साथ-साथ, प्रकृति ने उन्हें अपना लिया और नई पारिस्थितिकी बनाई। कोरोन के डूबे जहाज़ - इतिहास और प्रकृति का मिलन।
प्रमुख डूबे जहाज़ स्थल
कोरोन खाड़ी में 10 से अधिक डूबे जहाज़ हैं, जिनमें से प्रमुख पर डाइविंग की जा सकती है।
ओकीकावा मारू (Okikawa Maru): 160 मीटर लंबा विशाल तेल वाहक, 10-26 मीटर गहराई में। जहाज़ का काफी हिस्सा उथला है, शुरुआती डाइवर भी जा सकते हैं। जहाज़ के अंदर मछलियों के झुंड, बाहर कोरल।
आकित्सुशिमा (Akitsushima): 118 मीटर लंबा सी-प्लेन टेंडर, 20-38 मीटर गहराई। विशाल क्रेन इसकी पहचान है - सी-प्लेन उठाने के लिए इस्तेमाल होता था। उन्नत डाइवर्स के लिए।
इराको (Irako): 147 मीटर लंबा रेफ्रिजरेटर शिप, 28-43 मीटर गहराई। जहाज़ के अंदर जा सकते हैं - रसोई, कोल्ड स्टोरेज देखें। टेक्निकल डाइविंग स्तर।
मोराज़ान मारू (Morazan Maru): अपेक्षाकृत उथला (14-25 मीटर), कार्गो शिप। शुरुआती-मध्यम डाइवर्स के लिए। पूरा जहाज़ कोरल से ढका - मानो कृत्रिम रीफ।
ताएई मारू (Taiei Maru): 10-25 मीटर गहराई, यात्री जहाज़। सामने का हिस्सा खासतौर पर सुंदर। साफ दिन में पूरा जहाज़ दिखता है।
डाइविंग की शर्तें और योग्यता
कोरोन में जहाज़ डाइविंग के लिए उचित लाइसेंस और अनुभव चाहिए। उथले रेक्स (ओकीकावा, मोराज़ान) पर ओपन वॉटर डाइवर (OWD) जा सकते हैं, लेकिन गहरे रेक्स (आकित्सुशिमा, इराको) के लिए एडवांस्ड ओपन वॉटर (AOWD) या उससे ऊपर चाहिए।
जहाज़ के अंदर जाना (रेक पेनेट्रेशन) के लिए रेक डाइवर सर्टिफिकेट या समान अनुभव सलाह दी जाती है। नाइट्रोक्स (एनरिच्ड एयर) से बॉटम टाइम बढ़ता है - नाइट्रोक्स सर्टिफिकेट भी उपयोगी।
पारदर्शिता आमतौर पर 10-25 मीटर, अच्छे दिन 30 मीटर से ज्यादा। पानी का तापमान 25-30°C - 3mm या 5mm वेटसूट उपयुक्त।
डाइव शॉप और बुकिंग
कोरोन टाउन में कई डाइव शॉप हैं जो जहाज़ डाइविंग टूर देते हैं। पहले से बुकिंग बेहतर, लेकिन मौके पर भी हो सकती है।
टूर की कीमत 2 डाइव के लिए 3000-5000 पेसो (उपकरण सहित)। गहरे रेक्स और टेक्निकल डाइविंग महंगी।
प्रमुख डाइव शॉप: Corto Divers, Dive Lifestyle, Rocksteady Dive Center आदि। कुछ में जापानी स्टाफ भी हैं - भाषा की चिंता हो तो पहले पूछें।
डाइविंग सुबह जल्दी शुरू होती है, सुबह में 2 डाइव आम शेड्यूल। दोपहर में अन्य स्थल (कायंगन लेक आदि) वाला कॉम्बिनेशन टूर भी उपलब्ध।
रेक डाइविंग का आकर्षण
कोरोन जहाज़ डाइविंग साधारण डाइविंग से बिल्कुल अलग है। पहला - इतिहास में डूबने का एहसास। 80 साल पहले यहां क्या हुआ था, जहाज़ पर बचे निशानों से कल्पना कर सकते हैं।
जहाज़ कोरल और समुद्री जीवों से ढके हैं - कृत्रिम रीफ बन गए हैं। बाराकुडा और बैटफिश के झुंड, न्यूडिब्रांच, मोरे ईल - विविध जीवन।
जहाज़ के अंदर जाना सच्चा अन्वेषण है। गलियारों में आगे बढ़ना, कमरों में झांकना, कभी-कभी इंजन रूम या ब्रिज तक पहुंचना। रेक डाइविंग का असली मजा।
पानी के अंदर फोटोग्राफी भी शानदार। जहाज़ का सिल्हूट, खिड़की से आती रोशनी, कोरल से ढके ढांचे - नाटकीय विषय।
सुरक्षा सावधानियां
रेक डाइविंग में विशेष जोखिम होते हैं - सुरक्षा पहले। अपने स्तर के अनुसार साइट चुनें, गाइड और इंस्ट्रक्टर की सलाह मानें।
जहाज़ के अंदर जाते समय विशेष सावधानी - छत से गिरने वाली चीजें, नुकीले धातु के टुकड़े, भूलभुलैया जैसे रास्ते। घबराएं नहीं, शांत रहें। बाहर निकलने का रास्ता हमेशा याद रखें, बड़ी से अलग न हों।
बुओयेंसी कंट्रोल बहुत जरूरी है। तल की तलछट उड़ाने से दृश्यता शून्य हो जाती है। फिन किक सावधानी से, न्यूट्रल बुओयेंसी बनाए रखें।
एयर मैनेजमेंट भी न भूलें। गहरे रेक में हवा जल्दी खत्म होती है। बफर रखकर चढ़ाई शुरू करें।
गैर-डाइवर्स के लिए विकल्प
डाइविंग लाइसेंस नहीं है या गहरा पानी पसंद नहीं - कोरोन के डूबे जहाज़ों से जुड़ने के और भी तरीके हैं।
स्नोर्केलिंग टूर में उथले जहाज़ (जैसे लुसोंग गनबोट) सतह से देखे जा सकते हैं। साफ दिन में जहाज़ स्पष्ट दिखता है।
डिस्कवर स्कूबा डाइविंग (ट्रायल डाइविंग) में बिना लाइसेंस 12 मीटर तक जा सकते हैं। उथले रेक साइट चुनें तो जहाज़ का हिस्सा अनुभव कर सकते हैं।
कोरोन टाउन में डूबे जहाज़ों के बारे में इतिहास प्रदर्शनी भी है। डाइविंग से पहले या बाद में जाकर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि समझें।
पर्यावरण संरक्षण और सम्मान
कोरोन के डूबे जहाज़ ऐतिहासिक धरोहर हैं, और कई जानें गई जगहें भी। सम्मान के साथ व्यवहार करें।
जहाज़ या अवशेषों को न छुएं। कुछ भी न उठाएं। ये इतिहास के गवाह हैं - जैसे का तैसा संरक्षित रहें।
पानी में कचरा न फेंके। कई डाइव शॉप क्लीनअप डाइव आयोजित करते हैं - भाग लें।
फोटोग्राफी अच्छी है, लेकिन फ्लैश से जीवों को परेशानी हो सकती है - प्राकृतिक रोशनी बेहतर।
सारांश
कोरोन का जहाज़ मलबा डाइविंग - इतिहास, प्रकृति और रोमांच का अनोखा मिश्रण। 80 से अधिक वर्ष पुरानी त्रासदी के गवाह जहाज़, आज नई जिंदगी का घर बने हुए हैं। उनके बीच तैरना, इतिहास से रूबरू होना, प्रकृति की पुनर्जीवन शक्ति पर आश्चर्य करना। पलावान आने वाले डाइवर्स के लिए - यह अनुभव न छोड़ें। उचित तैयारी और सम्मान के साथ, समुद्र में डूबे इतिहास की खोज करें।