शांति की ज्योति
शांति की ज्योति 1 अगस्त 1964 को जलाई गई थी और पृथ्वी पर सभी परमाणु हथियारों के नष्ट होने तक जलती रहेगी। आधार कलाई पर जुड़े दो हाथों को दर्शाता है जिनकी हथेलियाँ आकाश की ओर हैं।
शांति की ज्योति 1 अगस्त 1964 को जलाई गई थी और पृथ्वी पर सभी परमाणु हथियारों के नष्ट होने तक जलती रहेगी। आधार कलाई पर जुड़े दो हाथों को दर्शाता है जिनकी हथेलियाँ आकाश की ओर हैं।
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