स्पासो-प्रीओब्राज़ेंस्की मठ
12वीं शताब्दी में स्थापित किला-मठ, जिसे अक्सर यारोस्लाव क्रेमलिन कहा जाता है। जहां इगोर के अभियान की कथा की पांडुलिपि खोजी गई थी। इसमें 16वीं शताब्दी के भित्तिचित्र, शहर के दृश्यों वाली घंटाघर और शहर के जीवित शुभंकर भालू का बाड़ा है।