तोपकापी महल
तोपकापी महल 400 वर्षों तक ओटोमन साम्राज्य का दिल था। सुल्तान यहां रहते थे, हरम की साजिशें यहां चलती थीं, इस्लाम के पवित्र अवशेष यहां रखे गए थे।
महल का इतिहास
मेहमद द्वितीय ने 1453 में कॉन्स्टेंटिनोपल विजय के बाद निर्माण शुरू किया। महल सदियों में बढ़ता गया। 1856 में सुल्तान दोलमाबाहचे महल में चले गए। 1924 में अतातुर्क ने इसे संग्रहालय में बदल दिया।
महल संरचना
चार आंगन: पहला सार्वजनिक, दूसरा प्रशासनिक, तीसरा सुल्तान के निजी कक्ष और खजाना, चौथा बोस्फोरस के दृश्य वाले बगीचे।
हरम
300 से अधिक कमरे। सुल्तान की मां, पत्नियां, रखैलें, हिजड़े। अलग टिकट आवश्यक, लेकिन जरूर देखें।
खजाना
चम्मच बनाने वाले का हीरा — ...