प्रातःकालीन भिक्षा समारोह
सदियों पुरानी एक अनूठी बौद्ध परंपरा, हर सुबह भोर में सैकड़ों भिक्षु नंगे पैर मौन जुलूस में चलते हैं ताकि घुटने टेके स्थानीय लोगों से चिपचिपा चावल और भोजन प्राप्त कर सकें। यह आध्यात्मिक अनुष्ठान लुआंग प्रबांग का सार है और 14वीं सदी से प्रतिदिन होता रहा है। मौन का सम्मान करें, दूरी बनाए रखें और फ्लैश से बचें।