हज़रत सुल्तान मस्जिद
मध्य एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद, 2012 में खुली। 10,000 उपासकों को समायोजित कर सकती है (5,000 अंदर, 5,000 आंगन में)। सूफी गुरु खोजा अहमद यासावी के नाम पर। नीले गुंबदों और मीनारों के साथ आश्चर्यजनक सफेद संगमरमर।
मध्य एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद, 2012 में खुली। 10,000 उपासकों को समायोजित कर सकती है (5,000 अंदर, 5,000 आंगन में)। सूफी गुरु खोजा अहमद यासावी के नाम पर। नीले गुंबदों और मीनारों के साथ आश्चर्यजनक सफेद संगमरमर।
पर्यटकों के लिए मुफ्त प्रवेश। नमाज़ के समय बंद (समय सारिणी देखें)। मध्य एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद। महिलाओं के लिए अबाया प्रदान
नुरझोल बुलेवार्ड के पूर्व में, स्वतंत्रता महल के पास। टैक्सी की सिफारिश। मेट्रो पास नहीं।
मध्य एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद। प्रवेश निःशुल्क। पर्यटक प्रार्थना के समय के बाहर जा सकते हैं। महिलाओं को प्रवेश द्वार पर कवरिंग दी जाती है। जूते उतारने अनिवार्य हैं
faq.subtitle हज़रत सुल्तान मस्जिद
हां! नमाज के समय के बाहर गैर-मुस्लिमों का स्वागत है। शालीन कपड़े पहनें, जूते उतारें, महिलाएं सिर ढकें। प्रवेश द्वार पर मुफ्त स्कार्फ उपलब्ध।
यात्रा के लिए उपयोगी सुझाव हज़रत सुल्तान मस्जिद
ड्रेस कोड: महिलाएं सिर ढकें (स्कार्फ मुफ्त)। सभी कंधे/घुटने ढकें। जूते उतारें। मुफ्त प्रवेश। सम्मानजनक मौन। सूर्यास्त पर सर्वश्रेष्ठ फोटो।
नूरज़ोल बुलेवार्ड के पूर्व में, स्वतंत्रता महल के पास। टैक्सी की सिफारिश। मेट्रो पास नहीं।
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